भारतीय संविधान मे प्राप्त मौलिकधिकर अनुसार पुलिस से संरक्षण ।

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1- थाने पर जो भी पीडित व्यक्ति आए उसकी रिपोर्ट अवश्य लिखी जाएगी और उचित धाराओं के अन्तर्गत अपराध पंजीकृत किया जाएगा तथा प्रथम सुचना रिपोर्ट की कॉपी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी ।
2- थाने पर पकड़कर लाए गए व्यक्ति के साथ मारपीट अथवा अमानवीय व्यवहार नही किया जाएगा ।
3- गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताया जाएगा तथा अपनी रुचि के विधि व्यवसायी से परामर्श करने और प्रतिरक्षा के अधिकार से वंचित नही रखा जाएगा ।
4- यदि किसी व्यक्ति को थाने पर साक्ष्य हेतु बुलाया जाता हैं तो उसे उचित यात्रा व्यय दिया जाएगा ।
5- गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को गिरफ्तारी के दौरान हल्की या गहरी चोट आने की स्थिति मे चिकित्सा परीक्षण कराया जाएगा मेमो तैयार किया जाएगा ।
6- थाने मे रोके गए ले जाते समय न्यायालय मे पेश करते समय अथवा एक कारागार से दूसरे कारागार मे स्थानान्तरण पर ले जाते समय हथकड़ी नही लगाई जाएगी जब तक की सम्बन्धीम न्यायालय से हथकड़ी लगाने का आदेश न प्राप्त कर लिया गया हो ।
7- गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के अन्दर सक्षम न्यायालय मे पेश किया जाएगा ।
8- गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को जब तक थाने मे रखा जाएगा उसे नियमानुसार भोजन की व्यवस्था कराई जाएगी ।
9- पुलिस रिमांड मे लिये गए व्यक्ति को प्रत्येक 24 घंटे मे चिकित्सा परीक्षण अवश्य कराया जाएगा ।
10- यदि किसी व्यक्ति ने ऐसा अपराध किया की मृत्यु हो जाती है तो उसकी सुचना तत्काल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को प्रोषित की जाएगी ।
11- यदि किसी व्यक्ति ने ऐसा अपराध किया हो जो ज़मानतीय हो तो थाने मे ही उसकी जमानत ( यदि कोई विशेष कराण न हो तो ) दे देनी चाहिये ।
12- गिरफ्तार व्यक्ति को अपने परिचित को स्थानीय टेलीफोन की सुविधा से अथवा लिखित द्वारा गिरफ्तारी की सुचना उसके घर पर दी जाएगी ।
13- यदि किसी अपराधी से कोई चीज़ या वस्तु की बरामदगी की जाती है तो उसको रसीद अवश्य दी जाएगी तथा कुर्क किए गए माल की उचित सुरक्षा भी की जाएगी ।
14- शारीरिक रुप से असछम व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा ।
15- श्रमिको की समस्याओं विशेषकर उनकी महिलाओ की संवेदनशीलता के साथ सुना जाए एवं उनका निस्तारण किया जाए ।
16- पुलिस कर्मियों द्वारा किसी व्यक्ति से पूछताछ करते समय अपनी वर्दी पर नेम प्लेट लगाना आवश्यक होगा ।
17- किसी महिला को थाने पर अकारण नही रोका जाएगा ।
18- थाने पर पूछताछ के दौरान आने वाली समस्त महिलाओ से अश्लील व अभ्रद भाषा का प्रयोग नही किया जाएगा और बलात्कार के साक्ष्य मे उच कोटि की संवेदन शीलता एवं सदभावना का परिचय दिया जाएगा और जहाँ तक सम्भव हो उसकी रिपोर्ट महिला पुलिस द्वारा ही लिखी जाएगी ।यदि ऐसा संभव न हो तो कम से कम महिला गार्ड की उपस्थिति अवश्य की जाएगी ।
19- बलात्कार से पीडित महिला का बयान उसके किसी नज़दीकी रिश्तेदार की उपस्थिति मे लिया जाए एवं उचित चिकित्सा परीक्षण के लिये ले जाते समय भी उसके किसी पुरष रिश्तेदार की उपस्थिति अवश्य की जाए यदि यहाँ सम्भव न हो तो महिला पुलिसकर्मी के साथ भेजा जाए ।

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